संजय देवांगन
  धमतरी कागज़ों में नहीं, मैदान में दिखा सुशासन — जब नागदेव मंदिर के पास स्थित कला मंच एक दिन के लिए मिनी “जनता दरबार” में बदल गया सुशासन तिहार 2026 के तहत लगे इस शिविर में हटकेशर, लाल बगीचा, शीतला पारा और सुभाष नगर के लोग अपनी शिकायतों के साथ पहुंचे और खास बात ये रही कि कई मामलों में समाधान भी मौके पर ही दिखा सुबह से ही लंबी कतारें, हाथों में आवेदन और चेहरों पर उम्मीद… लेकिन इस बार निराशा कम और कार्रवाई ज्यादा नजर आई। अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद रहे, जिससे “आज नहीं, कल आना” वाली परेशानी काफी हद तक गायब दिखी ईसी बीच महापौर रामू रोहरा भी अचानक शिविर में पहुंचे उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर बातचीत की, शिकायतें सुनीं और कुछ मामलों में तुरंत अधिकारियों को फटकार भी लगाई। साफ संदेश था — “फाइल नहीं, फैसले चाहिए महापौर ने कहा कि इस तरह के शिविरों का मकसद सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि लोगों को तुरंत राहत देना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत को प्राथमिकता से निपटाया जाए और अनावश्यक देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी शिविर में न केवल शिकायतें सुनी गईं, बल्कि लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कई ऐसे लोग भी सामने आए जिन्हें पहली बार पता चला कि वे किन-किन योजनाओं के हकदार हैं दिनभर चले इस शिविर में एक बात साफ दिखी — जब अफसर जनता के बीच आते हैं, तो दूरी कम और भरोसा ज्यादा बनता है अब देखने वाली बात यह होगी कि “मंच से मिले भरोसे” का असर फाइलों में कितनी तेजी से नजर आता है