दुर्गेश साहू/धमतरी। वार्ड की समस्याओं को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच उस समय माहौल चर्चा में आ गया, जब आंदोलन खत्म कराने के लिए नगर निगम सभापति प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। वार्डवासी, कांग्रेस के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता धरना स्थल पर मौजूद थे। सभापति ने लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और काम शुरू हो गया है आश्वासन देते हुए आंदोलन समाप्त करने की अपील की। इसी दौरान नारेबाजी के बीच एक वार्डवासी ने सभापति की मौजूदगी को लेकर महापौर की गैरमौजूदगी पर तंज कस दिया। वार्डवासी ने कहा, महापौर हो तो आपके जैसे, कम से कम जनता की समस्या सुनने तो आए। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच यह बात चर्चा का विषय बन गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से सड़क, नाली और जलभराव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बाद भी समाधान नहीं होने पर उन्हें भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। ऐसे में अब वे केवल आश्वासन के बजाय मौके पर काम शुरू होने की मांग कर रहे थे। सभापति प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। उन्होंने आंदोलन खत्म करने के लिए लोगों को मनाने का प्रयास भी किया। वहीं, धरना स्थल पर बैठे वार्डवासियों और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई बातचीत के दौरान महापौर की अनुपस्थिति का मुद्दा भी सामने आ गया। आंदोलन खत्म कराने की बातचीत के बीच निकली यह टिप्पणी अब निगम की सियासत में चर्चा का विषय बन गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब वार्ड की समस्या को लेकर लोग सड़क पर उतरते हैं, तब जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की मौके पर मौजूदगी कितनी जरूरी है। फिलहाल वार्डवासियों ने अपनी मांगों को लेकर रुख साफ रखा है और आश्वासन के साथ-साथ काम शुरू होने का इंतजार है।