संजय देवांगन धमतरी ग्राम मोंगरा (कुरूद) में 14 से 18 जनवरी तक आयोजित पांच दिवसीय प्रज्ञा शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन गुरुवार को सती जन्म पर सोहर के साथ सैकड़ों भक्तों ने जमकर खुशियां मनाई। इस अवसर पर प्रथम सत्र में 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में खुशहाली की कामनाओं की भी आहुति डालीं

  यज्ञाचार्य व कथावाचक युग पुरोहित कौशिक नारायण जी महराज ने नारद मोह,सती जन्म के बाद सती चरित्र के विविध प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि सत्संग का अवलंबन से ही प्रगाढ़ और अविरल भक्ति संभव है। जो कानों से श्रवण करें वही मुख से कीर्तन और मन से मनन करे। तभी आध्यात्मिक जीवन श्रेष्ठ और सार्थक होगा। संसार में रहते हुए भी विषय भोगों को त्याग सत चित आनंद में लय हो जाना भक्ति है। बाहरी वेश भूषा से नहीं आंतरिक पोशाक को बदलने की आवश्यकता है। आचार्य श्री कौशिक ने कामदेव व शिव जी के विविध प्रसंगों के साथ कहा कि कलयुग के प्रभाव के कारण सांसारिक सुख अत्यंत लुभावने लगते हैं, पर ये क्षणिक सपने को छोड़कर जो ऊपर उठता है उसे सच्चे आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती है

 श्री गौतम ऋषि प्रज्ञा मंडल मोंगरा के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय प्रज्ञा शिव महापुराण कथा में झांकियों के साथ श्रद्धालु खूब झूमे और आनंद मनाए। ग्राम प्रमुख रामायणी कोदूराम चंद्राकर ने बताया कि यह पांच दिवसीय कार्यक्रम दो सत्र में चल रही है प्रथम सत्र में सुबह गायत्री महायज्ञ व संस्कार महोत्सव चल रहा है वहीं दूसरी सत्र दोपहर 2 बजे से प्रज्ञा शिव महापुराण कथा में बड़ी संख्या में भक्तगण अपनी अलग आनंद उठा रहे हैं।नन्दलाल साहू , चेतनानंद, सुजीत कुमार, तेजेंद्र साहू, पुष्प कुमार, नरेंद्र कुमार, संत राम, भेषज कुमार, तुकेश्वर ध्रुव,रोशनी साहू, अगेश्वरी, दोसनी साहू, रामशीला, अहिल्या साहू सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे

    कार्यक्रम में विभिन्न रचनात्मक विधाएं भी हो रही है। गुरुवार को 6 बहनों का हुआ पुंसवन संस्कार संपन्न हुआ जबकि आज शुक्रवार को दर्जनों दंपत्तियों का विवाह दिवस संस्कार सामूहिक रूप से होगा वहीं दोपहर शिव महापुराण भी होगा