संजय देवांगन//वैसे तो हर समाज अपने इष्ट देव के त्यौहार को बड़े धूम धाम से मनाते है और पूजा अर्चना कर प्रसादी वितरण कर लोगों के साथ खुशियां बांटते हैं वैसे ही धमतरी जिले के प्रत्येक वार्ड में देवांगन समाज द्वारा परमेश्वरी जयंती का आयोजन किया गया इस आयोजन में देवांगन समाज के लोगों ने काफी उत्साह नजर आया धमतरी शहर के हटकेशर वार्ड में माँ परमेश्वरी जयंती देवांगन समाज की कुलदेवी के रूप में बड़े धूमधाम से मनाई गई खासकर बसंत पंचमी के अवसर पर, जिसमें समाज के लोग विशेष पूजा-अर्चना, कार्यक्रम और महोत्सव आयोजित करते हैं, जो उनकी उत्पत्ति और शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है यह पर्व समाज में एकता और परंपरा का प्रतीक है, जिसमें कई दिनों तक उत्सव चलता है हटकेशर वार्ड के देवांगन धर्मशाला में शुक्रवार को बड़े धूम धाम से मां परमेश्वरी जयंती मनाया गया सुबह माता की पूजा पाठ और आरती करके प्रसाद वितरण किए जिसमें समाज के सभी लोग शामिल थे दोपहर को वार्डों में शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें पालकी बनाकर मां परमेश्वरी माता को रखा गया और वार्डों में भ्रमण कराया गया वार्डों में जगह-जगह मां परमेश्वरी की पूजा अर्चना की गई वही शोभा यात्रा में देवांगन समाज में मां परमेश्वरी के भक्तगण बाजे गाजे में झूमते रहे इसके बाद मां परमेश्वरी को स्थापना की गई वार्ड में सुख समृद्धि के लिए पूजा अर्चना की गई वार्ड में प्रसादी का वितरण भी किया गया देवांगन समाज के लोगों ने बताया कि मां परमेश्वरी जयंती के लिए साल भर इंतजार करते हैं और इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं जिसमें बच्चे महिला पुरुष बुजुर्ग सभी झन कार्यक्रम में उपस्थित होते हैं और एक दूसरे को बधाई देते हैं मां परमेश्वरी को स्थापना कर पूजा अर्चना के दौरान देश राज्य जिलों वार्डों के लिए खुशहाली के लिए मनोकामना मांगते हैं बताया जाता है कि इस त्यौहार को कई सालों से मनाते आ रहे हैं जिसको बड़े धूमधाम से आज भी मनाते आ रहे हैं भंडारा: जगह-जगह प्रसाद और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जहाँ सभी भक्त मिलकर भोजन ग्रहण करते हैं यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज की एकता और माता परमेश्वरी के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश भी देता है
वार्ड के पार्षद पूर्णिमा भरत देवांगन बताती है माता परमेश्वरी की जयंती इसलिए मनाई जाती है क्योंकि उन्हें देवी पार्वती का अवतार और आदि शक्ति माना जाता है, जो बुराई का नाश करती हैं और समृद्धि लाती हैं; यह जयंती मुख्य रूप से दक्षिण भारत के कोमाटी समुदाय देवांगन समाज द्वारा अपनी कुलदेवी के रूप में मनाई जाती है, जो उनके जन्म, तपस्या और लोक कल्याण के लिए समर्पित जीवन का उत्सव है, विशेषकर बसंत पंचमी के आसपास जयंती मनाने के मुख्य कारण:
देवी पार्वती का रूप: उन्हें पार्वती का 'कन्या रूप माना जाता है, जो शिव-शक्ति का प्रतीक है आदि शक्ति और परमेश्वरी: वे सर्वोच्च शक्ति आदि शक्ति हैं जो समस्त पापों और दुखों का नाश करती हैं और मन, शरीर और आत्मा को नियंत्रित करती हैं कुलदेवी पूजा: देवांगन समाज उन्हें अपनी कुलदेवी के रूप में पूजता है और उनके जन्मोत्सव को बड़े धूमधाम से मनाता है इस दिन दीप जलाना, आरती करना, फल-फूल चढ़ाना, और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे संगीत व नृत्य करना शामिल होता है, जो समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए होता है संक्षेप में, माता परमेश्वरी जयंती एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है जो देवी के दिव्य रूप, उनके लोक कल्याणकारी कार्यों और समुदाय के गौरव का सम्मान करता है
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