संजय देवांगन// धमतरी बेटियों की सुरक्षा के लिए धमतरी पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार अपराधियों में डर पैदा कर रही है। नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों के दम पर न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इस फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मासूमों के साथ दरिंदगी करने वालों के लिए कानून अब बेहद सख्त हो चुका है
थाना मगरलोड में दर्ज पॉक्सो एक्ट के गंभीर प्रकरण में आरोपी गजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था
इस पूरे मामले में धमतरी पुलिस की भूमिका बेहद अहम रही। पुलिस अधीक्षक के लगातार मॉनिटरिंग और सख्त निर्देशों के बीच विवेचना अधिकारी सउनि. महेंद्र कुमार साहू ने मामले की जांच अत्यंत गंभीरता और पेशेवर तरीके से की। वैज्ञानिक ढंग से जुटाए गए साक्ष्य, गवाहों के मजबूत बयान और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण ने आरोपी को सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई
धमतरी पुलिस की इसी सक्रियता का परिणाम है कि वर्ष 2026 में पॉक्सो एक्ट के यह छठवां मामला है, जिसमें आरोपी को कठोर सजा मिली है। इससे पहले भी जिले के विभिन्न थानों में दर्ज पांच मामलों में पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपियों को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है
इस उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा विवेचना अधिकारी को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा भी की गई है। यह सम्मान न सिर्फ अच्छे कार्य की सराहना है, बल्कि अन्य पुलिस अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश माना जा रहा है।
महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ धमतरी पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति अब साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। पुलिस का कहना है कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और हर दोषी को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाएगी।

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