संजय देवांगन//धमतरी एक तरफ शासन-प्रशासन लोगों को बिजली बचाने का पाठ पढ़ा रहा है, ऊर्जा संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है और हर यूनिट बिजली के महत्व को समझाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर शहर के हटकेशर वार्ड में हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। यहां कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें रात ढलने के बाद तो जलती ही हैं, लेकिन सूरज निकलने और उजाला फैल जाने के बाद भी घंटों तक जलती रहती हैं
सुबह की रोशनी में जब सड़कों पर लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती है, तब भी स्ट्रीट लाइटों का जलते रहना लोगों को हैरान कर रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। कई बार लोगों ने इस ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आम जनता अपने घरों में बेवजह जल रहे बल्ब और पंखे बंद नहीं करे तो बिजली बचाने की नसीहत दी जाती है, लेकिन सार्वजनिक बिजली की इस बर्बादी पर जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि मौन नजर आ रहे हैं। लोगों का सवाल है कि जब शासन खुद अपनी व्यवस्थाओं पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा है, तो आम नागरिकों से बिजली बचाने की उम्मीद किस आधार पर की जा रही है
हटकेशर वार्ड में दिनभर जलती रहने वाली स्ट्रीट लाइटें न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी हैं, बल्कि यह निगरानी व्यवस्था की कमजोरी को भी उजागर करती हैं। वार्डवासियों का आरोप है कि न तो संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि इस समस्या के समाधान के लिए गंभीर दिखाई दे रहे हैं

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