दुर्गेश साहू धमतरी। आमतौर पर सरकारी कार्यालयों में किसी नए निर्माण या नवीनीकरण के शुभारंभ का मौका जनप्रतिनिधियों या बड़े अधिकारियों को मिलता है। लेकिन धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस परंपरा से अलग एक ऐसी पहल की, जिसने प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ कर्मचारी सम्मान की सोच को भी सामने रखा। कलेक्ट्रेट के नवीनीकृत सभाकक्ष का शुभारंभ उन्होंने वहां की व्यवस्था और देखरेख की जिम्मेदारी लंबे समय से संभाल रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रूपेश कुलदीप से फीता कटवाकर कराया। 13 सितंबर को सभाकक्ष के नवीनीकरण का काम पूरा होने के बाद हुए इस सादगीपूर्ण शुभारंभ में ईश्वरी मंडावी और घनश्याम कुलदीप भी मौजूद रहे। कलेक्टर की इस पहल को कर्मचारियों के प्रति सम्मान और उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। अक्सर छोटे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका सामने नहीं आती, जबकि किसी भी कार्यालय की रोजमर्रा की व्यवस्था को सुचारू रखने में उनका योगदान अहम होता है। ऐसे में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उद्घाटन का अवसर देना अपने आप में सकारात्मक संदेश है। शुभारंभ के बाद कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी सहित जिला स्तरीय अधिकारियों ने नवीनीकृत सभाकक्ष का अवलोकन किया। इसके बाद बैठक भी आयोजित की गई।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ सभाकक्ष
कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष को वर्तमान प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया गया है। बैठकों, समीक्षा बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, प्रस्तुतियों और अन्य शासकीय गतिविधियों के संचालन के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरण और आवश्यक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इससे जिला स्तरीय बैठकों के दौरान अधिकारियों के बीच समन्वय और संवाद को बेहतर बनाने में सुविधा मिलेगी। कलेक्टर की पहल का खास पहलू यह रहा कि सभाकक्ष के नवीनीकरण जितना महत्व उसकी आधुनिक सुविधाओं को दिया गया, उतना ही महत्व उस कर्मचारी को भी मिला जो लंबे समय से इसकी व्यवस्था संभाल रहा था। पद से ज्यादा योगदान को सम्मान देने की यह सोच प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में एक सकारात्मक उदाहरण के तौर पर सामने आई है।
0 Comments