गोल्डी खान धमतरी। गंगरेल क्षेत्र से वैसे तो मनमानी की खबर अक्सर ही आती रहती जिसकी तकलीफ अक्सर ही वहां आने जाने वाले पर्यटकों को झेलनी पड़ती है मतलब जिस सैर सपाटे और सुंदर नजारे को निहारने की उम्मीद लेकर वहां दूर दूर से सैलानी पहुंचते है वहां उन्हें नियमों का पाठ पढ़ा कर रोक दिया जाता है खास बात मगर यह नियम किसने और क्यों बनाया है इस बात को कोई भी नहीं बता पाता जिसका एक ताजा उदाहरण अभी हाल ही में सामने आया था जहां गंगरेल क्षेत्र के मुख्य दरवाजे को ही बंद कर दिया गया था जिससे उधर के व्यापारी नाराज हो गए थे ज्ञात हो कि इसके पहले भी सुरक्षा का हवाला देकर उधर ऊपर के कुछ दरवाजों को पहले ही बंद किया गया है जिन्हें बंद हुए बरसो भी हो रहे मगर दिलचस्प बात यह भी है कि हाल ही में उसी दरवाजे के भीतर एक कार और बाइक का एक्सीडेंट हो गया था
जिसके बाद यह सवाल भी उठाए गए थे कि जब दरवाजा बंद कराया गया है तो फिर उसके अंदर गाड़िया कैसे घुस गई थी बहरहाल अब इस मामले की खास वजह पर आते है कि इन दिनों जिस दरवाजे को बंद किया गया था उससे उस क्षेत्र के उधर के व्यापारी भड़क उठे थे जिनका कहना था कि वह लोग बरसो से उधर दुकान लगा रहे है और यदि इस तरह से उधर का दरवाजा बंद कर दिया जायेगा तो फिर उनकी दुकानों तक कौन आयेगा फिर जिले के पर्यटन को बढ़ावा देने लगातार कलेक्टर एक से बढ़कर एक कार्यक्रम आयोजित कर रहे है ऐसी स्थिति में गंगरेल तक कौन आयेगा बता दे कि इस शिकायत को कलेक्टर ने प्रमुखता से सुना भी और दरवाजों को खोलने की बात कही है
व्यापारियों की माने तो जिले के कलेक्टर श्री मिश्रा ने उधर अब ई रिक्शा चलवाने की भी बात कही है अब इस मामले में यह सवाल उठता है कि जब कलेक्टर दरवाजा खोलने की इजाजत दे रहे है तो उधर के दरवाजों को कौन किसके इशारे पर बंद करवाता है यह बड़ा प्रश्न है जिसे मनमानी से भी जोड़कर देखा जा रहा है और इलाके को लेकर ऐसी मनमानी कौन कर रहा है यह बड़ा सवाल है