गोल्डी खान धमतरी। जिले में एक खास पहल शुरू होने वाली है जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में आने वाले मेहमानों का स्वागत फूलों की माला या फिर पुष्प गुच्छ से नहीं होगा बल्कि उन्हें एक मूंनगे का पौधा भेंट किया जायेगा यह उनके स्वागत और सम्मान का प्रतीक होगा बल्कि इसी से उनका सम्मान होगा हालांकि यह सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा है मगर इसके पीछे की सच्चाई भी काफी दिलचस्प है जो कि मूंनगे से तो जुड़ी हुई है साथ ही आपकी सेहत से भी जुड़ी हुई है मतलब अब मूंनगा खाना और बांटना दोनों ही को प्राथमिकता दी जायेगी क्योंकि मूंगे में वो सारी ताकत है जो व्यक्ति को जीवन के लिए चाहिए आइए इससे जुड़ी जरूरी खबर पर प्रकाश डालते है ज्ञात हो कि शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मूंनगे का खास जिक्र किया गया है जिसमें बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में पोषण जागरूकता बढ़ाने, कुपोषण की रोकथाम तथा पौष्टिक आहार को जनजीवन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ विषय पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुनगा पौधों के रोपण, उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि, सत्यापन तथा मुनगा की पत्तियों और फलियों के पोषण संबंधी महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई प्रशिक्षण के दौरान समस्त पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया कि अभियान के अंतर्गत जिले में रोपित मुनगा पौधों की प्रविष्टि संबंधित कार्यकर्ताओं के माध्यम से ‘मुनगा ट्रैकर ऐप’ पर अनिवार्य रूप से कराएं। साथ ही दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित करें, ताकि पौधरोपण की वास्तविक स्थिति का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार हो सके और अभियान की प्रभावी निगरानी की जा सके। अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर प्रत्येक घर तक मुनगा की उपलब्धता और इसके नियमित उपयोग को प्रोत्साहित करना है
प्रशिक्षण में मुनगा (सहजन) की पत्तियों, भाजी और फलियों के पोषण संबंधी गुणों पर विशेष चर्चा की गई। मुनगा की हरी पत्तियां विटामिन, खनिज, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का उपयोगी स्रोत हैं। इनमें विटामिन ए के पूर्वरूप, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन तथा एंटीऑक्सिडेंट यौगिक पाए जाते हैं। वहीं, इसकी फलियों का उपयोग सब्जी, दाल और अन्य पारंपरिक व्यंजनों में किया जा सकता है। मुनगा भाजी को नियमित और संतुलित आहार में शामिल करने से परिवारों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है विशेष रूप से बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के आहार में विविधता लाने तथा पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने में मुनगा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, कुपोषण से बचाव के लिए मुनगा के साथ दालें, अनाज, मौसमी फल-सब्जियां, दूध एवं अन्य उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन भी आवश्यक है जिले में मुनगा के प्रचार-प्रसार को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब धमतरी जिले में आयोजित विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक पुष्पगुच्छ के स्थान पर मुनगा का पौधा भेंट करने को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और पोषण जागरूकता का संदेश एक साथ जन-जन तक पहुंचेगा। मुनगा का पौधा भेंट करना केवल स्वागत की औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार, पोषणयुक्त समाज और हरित वातावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक होगा। पौधे के संरक्षण और उसके उपयोग के प्रति लोगों को प्रेरित कर घरों एवं आंगन में पोषण वाटिका विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा सकेगी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में यह संदेश प्रसारित किया जा रहा है कि घर-घर मुनगा का पौधा, परिवार-परिवार पोषण की दिशा में एक सार्थक कदम है। जनभागीदारी, नियमित देखभाल और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता के समन्वय से ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।
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