दुर्गेश साहू धमतरी। शहर के सोरिद, जोधापुर और डाकबंगला वार्ड में डेढ़ महीने से मटमैला पानी मिलने की शिकायत लेकर वार्डवासी नगर निगम पहुंच गए। पहले कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, फिर आयुक्त बाहर आओ के नारे लगाते हुए निगम के भीतर प्रवेश कर गए। प्रदर्शनकारी अपने साथ वार्ड में सप्लाई हो रहे गंदे पानी की बोतल भी लाए थे। महापौर रामू रोहरा के नहीं मिलने पर बोतल निगम कार्यालय के सामने लगी उनकी तस्वीर के पास छोड़कर चले गए।
वार्डवासियों का कहना है कि पाइपलाइन से आ रहा पानी पीने योग्य नहीं है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका है। इस संबंध में आयुक्त अरुण कुमार वर्मा को सौंपे गए आवेदन में पाइपलाइन की जांच कराने, जरूरी सुधार करने और साफ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान उपायुक्त प्रवीण सार्वा लोगों से बातचीत करने और ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी आयुक्त से सीधे मुलाकात करने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद वे नारेबाजी करते हुए कार्यालय के भीतर पहुंचे।
आयुक्त के सामने वार्डवासियों और कांग्रेस पार्षदों ने पेयजल व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने शिकायतों के बावजूद समस्या दूर नहीं होने और फोन नहीं उठाए जाने का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शनकारी तख्तियों पर फोटोबाजी छोड़ो, जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराओ और जनता की सेहत से खिलवाड़ बंद करो जैसे नारे लिखकर पहुंचे थे। उन्होंने जल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने की मांग भी की। आयुक्त अरुण कुमार वर्मा ने शिकायतें सुनकर समस्या जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। अब देखना होगा कि निगम पाइपलाइन में सुधार कर तीनों वार्डों में साफ पानी की आपूर्ति कब तक बहाल करता है।

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