दुर्गेश साहू धमतरी। कल बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री सहित छत्तीसगढ़ के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता धमतरी आने वाले हैं। उनके स्वागत और कार्यक्रमों के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ चल रही हैं और खर्च भी लाखों-करोड़ों में बताया जा रहा है शहरवासियों की उम्मीदें इस बार भी काफी ऊँची हैं कि धमतरी को कुछ ठोस और बड़ी सौगातें मिलेंगी, जिनका काम जल्द ही जमीन पर दिखेगा। हालांकि, शहर के नागरिकों के मन में एक पुराना दर्द फिर उभरने लगा है। उनका कहना है कि धमतरी को सौगातें तो कई बार घोषित होती हैं, लेकिन ज्यादातर घोषणाएं कागजों, भाषणों और हेडलाइन तक ही सीमित रह जाती हैं। काम शुरू होने और पूरा होने के बीच अक्सर लंबा अंतर रह जाता है, और कई परियोजनाएँ तो शुरू भी नहीं हो पातीं। सरकारें बदलती रहती हैं, पर अधूरा काम जस का तस रह जाता है। नागरिकों का कहना है कि जब घोषणाओं का श्रेय लेने की बात आती है, तो राजनीतिक दलों और नेताओं में होड़ मच जाती है। विज्ञप्तियाँ जारी होती हैं, प्रयासों का श्रेय बाँटा जाता है, लेकिन जिस सौगात के लिए इतना शोर होता है, उसकी स्थिति वर्षों तक ज्यों की त्यों बनी रहती है। धमतरी में पिछले कुछ महीनों में भी कई बड़ी सौगातों की घोषणा हुई, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कुछ भी आगे बढ़ता हुआ नजर नहीं आया है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ महीने पहले धमतरी में मंत्री कार्यक्रम के लिए आए थे। उसी दौरान एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने जिले के विकास के लिए कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखीं। बताया जाता है कि मंत्री के जवाब ने सबको आश्चर्य में डाल दिया। उन्होंने कहा कि धमतरी को अभी कुछ वर्षों तक नई सौगातें नहीं मिलेंगी, जो मिलना था वह मिल चुका है। आगे की मंजूरी के लिए कुछ समय इंतजार करना होगा। यह बयान कितना सही है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन इसने नागरिकों के बीच सवालों को जरूर जन्म दिया है। अब शहर की निगाहें कल बुधवार के दिन पर टिकी हैं, जब केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं का धमतरी आगमन होगा। लोगों में यह उत्सुकता है कि क्या इस बार सच में कोई नई सौगात मिलेगी, और यदि मिलेगी तो क्या वह भाषणों तक सीमित रह जाएगी या धरातल पर भी उसका असर दिखाई देगा? धमतरी का विनिर्मित ऑडिटोरियम पाँच साल से अधिक समय से अधूरा पड़ा है। हाईटेक बस स्टैंड, गोकुल नगर और अन्य कई परियोजनाओं को लेकर चर्चाएँ तो बहुत हैं, लेकिन काम कब पूरा होगा इसका किसी को अंदाज़ नहीं नागरिकों का कहना है कि धमतरी को अब घोषणाओं के नहीं, वास्तविक विकास कार्यों के पूरा होने का इंतजार है। बरहाल यह देखना बाक़ी है कि जिले को कौन‑सी सौगातें मिलेंगी और यह बात केवल मंत्री के भाषणों व टीबी अख़बारों की हेडलाइन तक सीमित रहेगी या धरातल पर भी कुछ दिखेगी यह देखना ज़रूरी है।
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