दुर्गेश साहू धमतरी। ईमानदारी के किस्से अक्सर सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन जब वही ईमानदारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सामने आए, तो भरोसा और मजबूत होता है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी ने सड़क पर गिरे पर्स और नकदी को बिना किसी देरी के उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुंचाया। मिली जानकारी के अनुसार रिसाईपारा निवासी हरीश कुमार आहूजा शिव चौक से रत्नाबांधा की ओर जा रहे थे। लगभग दोपहर 2:30 बजे के आसपास, पॉपुलर बेकरी के सामने चलते समय उनका पर्स सड़क पर गिर गया। पर्स गिरने के साथ उसमें रखी नकदी सड़क पर बिखर गई, लेकिन भीड़ और जल्दबाज़ी के चलते हरीश कुमार को इसकी भनक तक नहीं लगी और वे आगे बढ़ गए।


इसी दौरान सिटी कोतवाली में पदस्थ पेट्रोलिंग प्रभारी सुरेंद्र डंडसेना, ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी नजर सड़क पर पड़े पर्स और बिखरे पैसों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत पर्स और नकदी को समेटा और पर्स में मौजूद आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज़ों के जरिए उसके मालिक की पहचान की। पर्स में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, तब जाकर हरीश कुमार को अपने पर्स के गुम होने की जानकारी मिली। मोबाइल पर बातचीत के बाद हरीश कुमार पॉपुलर बेकरी के पास पहुंचे। वहां सुरेंद्र डंडसेना ने उनसे पर्स में मौजूद रकम के बारे में पूछा। हरीश कुमार ने बताया कि पर्स में 12,200 सौ रुपये थे, जो किसी आवश्यक सामान की खरीद के लिए रखे गए थे। इसके बाद पूरी रकम मौके पर ही गिनकर, बिना किसी कमी के, उन्हें सौंप दी गई। अपना पर्स और पूरी नकदी सुरक्षित वापस पाकर हरीश कुमार ने पुलिसकर्मी का आभार जताया। उनका कहना था कि आज के दौर में गिरी हुई चीज़ का मिल जाना ही बड़ी बात है, लेकिन उसे पूरी ईमानदारी से लौटाना और भी बड़ी बात है।

यह घटना सिर्फ एक पर्स लौटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे की मिसाल है, जो समाज और पुलिस के बीच होना चाहिए। सिटी कोतवाली पेट्रोलिंग प्रभारी सुरेंद्र डंडसेना का यह व्यवहार न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि दूसरों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश छोड़ता है।