धमतरी। जिले में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अचानक बढ़ने से गैस एजेंसियों के सामने असामान्य स्थिति बन गई है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा एक साथ सिलेंडर बुक कराए जाने के कारण एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी प्रभावित होने लगा है। गैस एजेंसियों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों बुकिंग की संख्या काफी अधिक हो गई है। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिनके घरों में पहले से भरा हुआ सिलेंडर मौजूद है, इसके बावजूद वे एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बुकिंग करा रहे हैं। इससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा है और वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को भी इंतजार करना पड़ सकता है। गैस एजेंसी संचालक नरेंद्र साहू ने बताया कि अचानक बढ़ी बुकिंग के कारण एजेंसियों के पास लगातार फोन कॉल और ऑनलाइन रिक्वेस्ट आ रही हैं। कई लोग तो ऐसे भी हैं जिनके यहां पहले से सिलेंडर भरा हुआ है उसके बावजूद ऑर्डर कर रहे हैं सिलेंडर डिलीवरी के समय कई ग्राहकों के पास खाली सिलेंडर नहीं होते है। एक साथ बड़ी संख्या में बुकिंग होने से सिस्टम और सर्वर पर भी लोड बढ़ गया है, जिसके कारण कई बार तकनीकी परेशानी सामने आ रही है।
कलेक्टर ने ली अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों की बैठक
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में खाद्य विभाग के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों की बैठक लेकर जिले में गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए और घरेलू गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग नियमित रूप से जारी रहे। बैठक में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी रोकने के निर्देश भी दिए गए। खाद्य विभाग को गैस गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करने के लिए टीम गठित करने को कहा गया। हाल ही में जांच के दौरान चार मामलों में कार्रवाई करते हुए आठ घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि आवश्यकता होने पर ही सिलेंडर बुक करें, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
आखिर क्यों बढ़ी गैस एजेंसियों में भीड़
पिछले कुछ दिनों से गैस एजेंसियों में अचानक उपभोक्ताओं की आवाजाही बढ़ गई है। कई लोग एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर की उपलब्धता और बुकिंग की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
सामान्य दिनों में जितनी बुकिंग होती है, उसके मुकाबले इन दिनों काफी ज्यादा लोग सिलेंडर बुक करा रहे हैं।
एजेंसी संचालकों के अनुसार कई उपभोक्ता एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे एजेंसियों पर अचानक काम का दबाव बढ़ गया है।
अफवाह और आशंका से बनी स्थिति
स्थानीय स्तर पर आपसी चर्चा और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें फैलने के बाद कई लोगों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर आशंका पैदा हो गई।
इसी वजह से कुछ उपभोक्ताओं ने भविष्य में परेशानी से बचने के लिए पहले ही सिलेंडर बुक कराने का निर्णय लिया।
हालांकि प्रशासन और गैस एजेंसियों का कहना है कि गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
जरूरत न होने पर भी हो रही बुकिंग
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता भी सिलेंडर बुक करा रहे हैं जिनके घर में पहले से भरा हुआ सिलेंडर मौजूद है।
केवल आशंका के कारण अतिरिक्त बुकिंग की जा रही है, जिससे वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी की संभावना बढ़ सकती है।
एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि केवल आवश्यकता होने पर ही सिलेंडर बुक करें।
सर्वर और सिस्टम पर बढ़ा दबाव
अचानक बड़ी संख्या में ऑनलाइन बुकिंग होने से गैस कंपनियों के डिजिटल सिस्टम पर भी दबाव बढ़ गया है।
कई उपभोक्ताओं को बुकिंग करते समय सर्वर स्लो होने या तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
एजेंसियों का कहना है कि यह समस्या अधिक बुकिंग के कारण सिस्टम पर पड़े अतिरिक्त लोड की वजह से सामने आ रही है।
प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने खाद्य विभाग और गैस एजेंसी संचालकों की बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की।
घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए जांच के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य विभाग द्वारा होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों में जांच कर घरेलू गैस के दुरुपयोग पर कार्रवाई भी की जा रही है।
गैस सिलेंडर बुकिंग का नया अंतराल
पहले क्या व्यवस्था थी
पहले घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग लगभग 20 दिन बाद ही दोबारा की जा सकती थी।
अब क्या नियम लागू है
शहरी उपभोक्ताओं को अब 25 दिन बाद अगली रिफिल बुक करने की अनुमति है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह अंतराल बढ़ाकर 45 दिन रखा गया है, जहां मोबाइल ओटीपी के माध्यम से बुकिंग की प्रक्रिया होती है।
ई-केवाईसी भी अनिवार्य
उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन के लिए आधार कार्ड, गैस कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ ई-केवाईसी कराना जरूरी बताया गया है।

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