धमतरी। केरेगांव वन परिक्षेत्र में नीलगाय के शिकार का मामला सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। तीर-कमान से किए गए इस शिकार में एक नर नीलगाय की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, केरेगांव वन परिक्षेत्र के आरएफ 221 कंपार्टमेंट में शिकारियों ने नीलगाय पर तीर से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल नीलगाय मौके पर ही गिर पड़ी और तड़पती रही। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन गहरे घाव के चलते उसकी मौत हो गई। वन विभाग की जांच में सामने आया है कि इस शिकार में 5 से 7 लोगों की संलिप्तता हो सकती है। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें जेल भेजा गया है।
गश्त के दावों पर सवाल
वन विभाग की ओर से नियमित गश्त और निगरानी के दावे किए जाते रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों को प्रतिदिन पांच किलोमीटर गश्त के निर्देश दिए गए हैं और जीपीएस के माध्यम से निगरानी भी की जा रही है। इसके बावजूद सवाल यही उठ रहा है कि इतनी व्यवस्था के बीच जंगल के भीतर शिकार जैसी घटना कैसे हो गई?
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
वन क्षेत्र में तीर-कमान से शिकार होना निगरानी में चूक की ओर संकेत करता है। कई लोगों की संलिप्तता सामने आने के बावजूद सभी आरोपी अभी तक पकड़ से बाहर हैं। घटना के बाद कार्रवाई तेज हुई, लेकिन रोकथाम को लेकर सवाल कायम हैं।
वनमंडलाधिकारी (DFO) श्रीकृष्णा जाधव ने बताया कि
केरेगांव वन परिक्षेत्र में नीलगाय के शिकार का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस घटना में अन्य लोगों की भी संलिप्तता की आशंका है, जिनकी तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग लगातार गश्त और निगरानी कर रहा है। जो कर्मचारी गश्त में लापरवाही बरतते हैं, उन्हें नोटिस भी जारी किया जा रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी और कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में उतनी मजबूत है, जितना दावा किया जाता है?
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