छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित तुमाखुर्द आज अपनी एक अनोखी कहानी के कारण चर्चा में है इस गांव में अब पूरे गांव का बस एक ही निवासी बचा है — सियाराम कोर्राम घने जंगलों और सुनसान माहौल के बीच सियाराम पिछले कई वर्षों से अकेले रहकर अपनी जन्मभूमि से अटूट प्रेम की मिसाल पेश कर रहे हैं जानकारी के अनुसार, जब धमतरी जिले में गंगरेल बांध का निर्माण हुआ, तब बांध के डुबान क्षेत्र में आने वाले कई गांवों को खाली कराया गया शासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को दूसरे स्थानों पर बसाया गया गांव के अधिकांश परिवार भी नई जगहों पर चले गए, लेकिन गांव के निवासी सियाराम कोर्राम ने अपना पुश्तैनी गांव छोड़ने से साफ इनकार कर दिया सियाराम कोर्राम का कहना है कि उनका जन्म इसी गांव में हुआ और उनका बचपन भी यहीं बीता गांव की मिट्टी, खेत और पुराना घर उनके जीवन का हिस्सा हैं यही कारण है कि उन्होंने अपने पुरखों की निशानी को छोड़कर कहीं और बसना स्वीकार नहीं किया समय बीतता गया और एक-एक कर पूरा गांव खाली हो गया, लेकिन सियाराम आज भी वहीं डटे हुए हैं गांव अब चारों तरफ से घने जंगलों से घिरा हुआ है गांव के पुराने घर खामोश खड़े हैं और रास्तों पर सन्नाटा पसरा रहता है इन सबके बीच सियाराम अकेले अपना जीवन गुजार रहे हैं वे मछलीपकड़ना और जंगल से मिलने वाली सामग्री के सहारे अपना गुजारा करते हैं जरूरी सामान के लिए उन्हें दूर दूसरे गांवों तक जाना पड़ता है स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार प्रशासन ने भी उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की कोशिश की, लेकिन सियाराम हर बार एक ही बात कहते हैं —
“यह गांव मेरी पहचान है, इसे छोड़कर मैं कहीं नहीं जाऊंगा।”
गांव में न बिजली की पूरी सुविधा है, न स्वास्थ्य की व्यवस्था और न ही आसपास कोई पड़ोसी इसके बावजूद सियाराम का हौसला कम नहीं हुआ अकेलेपन के बीच भी वे अपने गांव की आखिरी पहचान बनकर रह गए हैं धमतरी जिले का तुमाखुर्द गांव अब लोगों के लिए कौतूहल का केंद्र बन चुका है जो भी इस गांव और वहां अकेले रह रहे सियाराम कोर्राम के बारे में सुनता है, वह उनकी जिद, हिम्मत और अपनी मिट्टी के प्रति प्रेम की सराहना किए बिना नहीं रह पाता यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस गहरे रिश्ते की है जो इंसान को उसकी जन्मभूमि से जोड़कर रखता है सियाराम कोर्राम आज भी यह साबित कर रहे हैं कि कुछ लोगों के लिए अपनी मिट्टी दुनिया की हर सुविधा से ज्यादा कीमती होती है

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