संजय देवांगन  
धमतरी// हटकेश्वर वार्ड स्थित नागदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला कथा व्यास पंडित कमलेश शास्त्री ने सती चरित्र, माता पार्वती के दिव्य अवतरण तथा भगवान शिव-पार्वती के पावन विवाह प्रसंग का ऐसा मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे कथा के दौरान पंडित कमलेश शास्त्री ने बताया कि सती का त्याग, माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव के प्रति उनका अटूट समर्पण सच्चे प्रेम, भक्ति और विश्वास की सर्वोच्च मिसाल है 

उन्होंने कहा कि माता पार्वती ने वर्षों तक कठिन तपस्या कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया शिव और शक्ति का यह दिव्य मिलन केवल एक वैवाहिक संबंध नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के संतुलन, प्रेम, त्याग और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है
 शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने भगवान शिव की अलौकिक एवं अद्भुत बारात का जीवंत चित्रण किया। जब भोलेनाथ अपने गणों, भूत-प्रेतों और देवताओं के साथ हिमालय के द्वार पहुंचे तो पूरा वातावरण दिव्यता से भर उठा। माता पार्वती के निष्कलंक प्रेम और भगवान शिव के वैराग्य का यह संगम सनातन संस्कृति में आदर्श दांपत्य, अटूट विश्वास और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है
कथा के दौरान शिव भजनों, मंगल गीतों और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा नागदेव मंदिर प्रांगण शिवमय हो गया। शिव-पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग को सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वे भक्ति रस में डूब गए  महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों सहित वार्डवासी बड़ी संख्या में कथा स्थल पहुंचे और धर्मलाभ प्राप्त किया आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन कथा में विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है। कथा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है तथा प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं शिव-पार्वती के अमर प्रेम, माता पार्वती की तपस्या और महादेव की असीम करुणा का यह दिव्य प्रसंग सुनकर पूरा नागदेव मंदिर प्रांगण भक्तिरस में सराबोर हो उठा श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के चरणों में सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की