धमतरी। छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन एवं पात्र परिवारों को पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023 के तहत मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य शासन के निर्देश पर जिले में सर्वे अभियान शुरू कर दिया गया है, जिसे 15 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें मैदानी स्तर पर सर्वे कर पात्र हितग्राहियों का सत्यापन करेंगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, नगरीय क्षेत्रों में वर्षों से काबिज पात्र परिवारों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में एकत्र की जाएगी। सर्वे के दौरान पात्रता का परीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि नियमों के अनुरूप पात्र लोगों को पट्टे का लाभ मिल सके।
महापौर रामू रोहरा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निर्देश पर सभी नगरीय निकायों को सर्वे कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में तहसीलदार, पटवारी और नगर निगम के अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम सर्वे के लिए मैदान में उतर चुकी है और 15 अगस्त तक अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि जब सर्वे दल उनके क्षेत्र में पहुंचे, तब वे मौके पर उपस्थित रहें और मांगे गए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। इससे पात्र लोगों का सत्यापन समय पर हो सकेगा और उन्हें पट्टा प्रदान करने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सरकारी भूमि का आवंटन नहीं किया जाएगा। पट्टे केवल उन पात्र लोगों को दिए जाएंगे, जो वर्षों से संबंधित भूमि पर काबिज हैं और नियमों के तहत पात्र पाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पात्रता का निर्धारण शासन द्वारा तय नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार सर्वे पूर्ण होने के बाद पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शासन का उद्देश्य वर्षों से आवासीय भूमि पर निवास कर रहे पात्र परिवारों को कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना है।