दुर्गेश साहू धमतरी। शहर की सड़कों पर मवेशियों का कब्जा हटाने के लिए अब ट्रैफिक पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ रहा है। शनिवार को शहर के एक व्यस्त मार्ग पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सड़क के बीच बैठे मवेशियों को हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान डंडा लेकर सड़क पर उतर गए। एक तरफ वाहन चालक रास्ता तलाशते रहे, दूसरी तरफ पुलिसकर्मी मवेशियों को सड़क से किनारे करने में जुटे रहे। तस्वीरें देखकर ऐसा लग रहा था मानो शहर की यातायात व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस को मवेशी प्रबंधन की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही हो। सड़क पर बैठे मवेशी आराम के मूड में थे और उन्हें हटाने में जुटे जवानों की मेहनत अलग कहानी बयां कर रही थी। समस्या सिर्फ एक दिन की नहीं है। शहर की प्रमुख सड़कों और किनारे अक्सर मवेशियों का जमावड़ा दिखाई देता है। कभी ये बीच सड़क पर बैठ जाते हैं तो कभी अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

      निगम की धरपकड़ आखिर कहां तक पहुंची?
नगर निगम की ओर से समय-समय पर घुमंतू मवेशियों की धरपकड़ और मवेशी मालिकों पर जुर्माने की कार्रवाई की बात सामने आती रही है। लेकिन सड़क पर बार-बार लौटते मवेशी सवाल छोड़ रहे हैं कि धरपकड़ के बाद आखिर ये वापस सड़क तक पहुंच कैसे जाते हैं? अगर मवेशियों को पकड़ने की व्यवस्था है, जुर्माने का प्रावधान है और अभियान भी चलाया जाता है, तो फिर शहर की सड़कों पर यह नजारा लगातार क्यों दिखाई दे रहा है? शनिवार को ट्रैफिक पुलिस का सड़क पर उतरना कम से कम इतना जरूर बताता है कि समस्या अभी खत्म नहीं हुई है।

  पुलिस हटाती रही, मवेशी फिर सड़क पर लौटते रहे
मौके की तस्वीरों में पुलिसकर्मी मवेशियों को सड़क से हटाने का प्रयास करते नजर आए। कुछ मवेशी आगे बढ़े तो कुछ फिर सड़क पर बैठ गए। यानी पुलिस की कवायद कुछ देर के लिए यातायात जरूर संभाल सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए मवेशियों की धरपकड़ और उनके सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था जरूरी है। शहरवासियों का सवाल भी सीधा है, आखिर सड़क पर मवेशियों को हटाने की ड्यूटी पुलिस कब तक निभाएगी और निगम कब ऐसी व्यवस्था करेगा कि पुलिस को यह काम करना ही न पड़े? फिलहाल तस्वीर यही कहानी कह रही है कि सड़क जनता और वाहनों के लिए है, लेकिन धमतरी की सड़कों पर मवेशियों का ‘वीआईपी आराम’ जारी है और उन्हें हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है।