धमतरी महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना का एक और बड़ा परिणाम सामने आया है। थाना केरेगांव क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/POCSO), धमतरी ने आरोपी राकेश मंडावी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक) की सजा सुनाई है। साथ ही कुल 5,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना की नीति के तहत थाना केरेगांव के अपराध क्रमांक 20/2025 (विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 54/2025) की प्रभावी जांच की गई। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 7 वर्ष, धारा 87 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी
न्यायालय ने आरोपी द्वारा जमा कराई गई 7,000 रुपये की राशि पीड़िता को उसके अभिभावक के माध्यम से प्रतिकर के रूप में प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं
इस मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना ने गंभीरता और वैज्ञानिक तरीके से करते हुए मजबूत साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली। उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षक टुमन लाल टडसेना को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की है
धमतरी पुलिस ने कहा है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत भविष्य में भी पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी
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