दुर्गेश साहू धमतरी। लाखों-करोड़ों रुपये के विकास कार्यों और सुविधाओं के दावों के बीच दो दिन की लगातार बारिश ने शहर की जमीनी तस्वीर सामने ला दी है। बारिश थमे 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद कई इलाकों में पानी जमा है। कुछ रास्ते तीन से चार दिन से बंद बताए जा रहे हैं। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। शहर में बारिश के दौरान जलभराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार पानी निकासी की व्यवस्था और आपदा से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए हैं। सबसे गंभीर घटना भर्रीपारा-सोरिद वार्ड में सामने आई, जहां शाम सात वर्षीय लक्ष्य साहू तेज बहाव वाले नाले में बह गया। बच्चे की तलाश में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। पाइप में फंसे होने की आशंका जताई जा रहीं हैं, लेकिन वार्डवासियों का आरोप है कि नगर निगम के पास पाइप तोड़कर तलाश करने के लिए हैमर मशीन तक उपलब्ध नहीं है। यह मामला अकेला नहीं है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव के साथ गंदा पानी जमा है। लंबे समय तक पानी रुके रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। रहवासी बीमारी फैलने की आशंका के बीच परेशान हैं। लोगों का कहना है कि निगम के पास फॉगिंग मशीन तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बारिश और जलभराव से निपटने की तैयारियां आखिर कितनी प्रभावी हैं।
सड़क, रोशनी और जलनिकासी पर भी सवाल
बारिश के बाद शहर की कई सड़कों की हालत खराब है। कई स्थानों पर अंधेरा पसरा हुआ है। जलभराव वाले इलाकों में खराब सड़क और पर्याप्त रोशनी का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। नई योजनाओं और विकास कार्यों की घोषणा अपनी जगह है, लेकिन नागरिकों का सवाल है कि जब मौजूदा जरूरत के समय बुनियादी सुविधाएं ही पूरी तरह उपलब्ध नहीं होंगी तो राहत किससे मिलेगी। भवन अनुज्ञा से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए संसाधनों की कमी का हवाला दिए जाने की बात भी सामने आई थी। अधिकारियों की ओर से जेसीबी को नुकसान की आशंका के चलते ड्रिल मशीन खरीदने के बाद कार्रवाई की बात कही गई थी। ऐसे में आपदा के समय रेस्क्यू मशीनरी की उपलब्धता का मुद्दा भी चर्चा में है। दो दिनों की बारिश ने शहर के सामने सिर्फ जलभराव की समस्या नहीं रखी, बल्कि जलनिकासी, सड़क, स्ट्रीट लाइट, मच्छर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि हर बारिश के बाद सामने आने वाली इन समस्याओं का स्थायी समाधान कब होगा और अगली बारिश से पहले शहर कितना तैयार होगा?

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