दुर्गेश साहू धमतरी। गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित कराने पुलिस-प्रशासन ने गणेश समितियों के पदाधिकारियों के साथ शांति समिति की बैठक की। बैठक में विसर्जन के दौरान सुरक्षा, यातायात, डीजे और कानून-व्यवस्था को लेकर समितियों को जरूरी निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशे की हालत में कोई व्यक्ति विसर्जन जुलूस में शामिल हुआ तो अल्कोमीटर जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चाकू, तलवार, कड़ा या किसी भी तरह का हथियार लेकर जुलूस में पहुंचने वालों पर भी सख्ती होगी। चाकूबाजी, मारपीट, छेड़छाड़ और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। विसर्जन जुलूस में समिति के सदस्यों और वालंटियर की पहचान के लिए कैप, टी-शर्ट, रिबन या अन्य पहचान चिह्न रखना अनिवार्य किया गया है। इससे जुलूस के दौरान समिति के जिम्मेदार सदस्यों की पहचान स्पष्ट रहेगी और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलेगा। डीजे बजाने को लेकर समितियों के बीच प्रतिस्पर्धा या निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने पर कार्रवाई की जाएगी। डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल निर्धारित समय और ध्वनि सीमा के अनुसार ही करना होगा। अस्पताल, स्कूल और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास तेज आवाज से बचने के निर्देश दिए गए हैं। झांकी और विसर्जन जुलूस निर्धारित मार्ग से ही निकालना होगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने को कहा गया है। आपत्तिजनक नारे, गीत या किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले प्रदर्शन से बचने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के लिए निर्धारित स्थल और मार्ग का ही उपयोग करने, गहरे पानी में जाने से बचने तथा बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने कहा गया है। ट्रैक्टर, ट्रक या अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और वाहन पर खड़े होकर यात्रा करने पर भी रोक रहेगी।
पुलिस-प्रशासन ने गणेश समितियों से अपने वालंटियर के साथ व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी विवाद या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीसी पटेल, डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर, पीयूष तिवारी, नगर निगम उपायुक्त पीसी सार्वा, नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर, कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत, यातायात प्रभारी खेमराज साहू सहित गणेश समितियों के पदाधिकारी और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।