दुर्गेश साहू धमतरी। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर से कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इसी बीच धमतरी के रत्नाबांधा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है। रत्नाबांधा के पास सफाई मित्र रोज की तरह कचरा संग्रहण के काम में लगा था। इसी दौरान उसके पास मौजूद कचरा रिक्शे का पिछला हिस्सा टूटा हुआ नजर आया। खास बात यह है कि नगर निगम ने कुछ दिन पहले ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 30 नए रिक्शे सफाई मित्रों को वितरित किए थे।
इन रिक्शों के वितरण से पहले कांग्रेस पार्षदों ने इनकी गुणवत्ता को लेकर विरोध भी जताया था। इसके बाद निगम की ओर से पूजा-अर्चना के साथ नए रिक्शे सफाई मित्रों को सौंपे गए। अब वितरण के दो-तीन दिन बाद ही एक रिक्शे का पिछला हिस्सा टूटने की तस्वीर सामने आने से गुणवत्ता को लेकर उठे पुराने सवाल फिर चर्चा में हैं। स्वच्छता व्यवस्था में सफाई मित्रों के लिए रिक्शा एक जरूरी साधन है। इसी के जरिए घरों से एकत्र कचरे को आगे ले जाया जाता है। ऐसे में नए संसाधन के जल्द क्षतिग्रस्त होने से सफाई कार्य प्रभावित होने की आशंका भी है। 
हालांकि रिक्शे का पिछला हिस्सा किस वजह से टूटा, यह निगम की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन गांधी जयंती और स्वच्छता अभियान के बीच सामने आई यह स्थिति निगम के सामने एक सीधा सवाल जरूर खड़ा करती है कि सफाई व्यवस्था के लिए दिए गए नए संसाधनों की गुणवत्ता और मजबूती की जांच किस स्तर पर हुई थी।
अब जरूरत तस्वीरों पर चर्चा से आगे बढ़कर रिक्शे की गुणवत्ता, निर्माण और क्षति के कारण की जांच की है, ताकि सफाई मित्रों को दिए गए संसाधन लंबे समय तक काम आ सकें।