दुर्गेश साहू धमतरी। सरकारी राशन व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायतें नई नहीं हैं, लेकिन भखारा से सामने आई 93 प्रविष्टियों की शिकायत ने राशन कार्डों के सत्यापन और पात्रता जांच की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। भखारा निवासी रोहित कुमार साहू ने मंगलवार को जनदर्शन में कलेक्टर को दस्तावेज सौंपकर इन प्रविष्टियों की जांच की मांग की। शिकायत में एक ही परिवार के अलग-अलग नाम-पते से एक से अधिक राशन कार्ड होने, पति के जीवित होने के बावजूद महिला का विधवा या एकल श्रेणी में दर्ज होना और पात्रता पर सवाल वाले मामलों में अंत्योदय या प्राथमिकता राशन कार्ड जारी होने का उल्लेख है। कुछ पेंशनधारियों को भी अंत्योदय श्रेणी का लाभ मिलने का दावा किया गया है। शिकायत में कुछ ऐसे राशन कार्डों का उल्लेख है, जिन्हें वर्ष 2014 में निरस्त किया गया था, लेकिन उनके अब भी उपयोग में होने का दावा किया गया है। कार्डों में महिला-पुरुष की जानकारी, पारिवारिक संबंध और श्रेणी संबंधी विसंगतियों के साथ एक ही परिवार में अलग-अलग श्रेणी के कार्ड जारी होने की भी जांच मांगी गई है। रोहित कुमार साहू का कहना है कि वे वर्ष 2015 से राशन व्यवस्था से जुड़े मामलों को उठाते रहे हैं। उनका दावा है कि ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी और सूचना के अधिकार के माध्यम से दस्तावेज जुटाए गए हैं। उन्होंने राशन कार्ड के साथ सरकारी पट्टे और आवास से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, वास्तविक स्थिति विभागीय रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।
कई जनप्रतिनिधि और कलेक्टर बदल गए, खाद्य अधिकारी अब भी वही
शिकायत के बीच जिला खाद्य विभाग में लंबे समय से एक ही अधिकारी की पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय स्तर पर अधिकारी के लंबे कार्यकाल की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कई जनप्रतिनिधि, चार विधायकों के कार्यकाल और कई कलेक्टर बदले, लेकिन पदोन्नति के दौरान अल्प अवधि को छोड़कर अधिकारी धमतरी में ही पदस्थ रहे। हालांकि पदस्थापना, बीच की अवधि में जिले से बाहर रहने और पुनः धमतरी में पदस्थापना की वास्तविक स्थिति विभागीय सेवा अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है। मुद्दा केवल पदस्थापना की अवधि का नहीं, बल्कि इस दौरान राशन कार्डों के सत्यापन, रिकॉर्ड अपडेट और शिकायतों की निगरानी का भी है। यदि निरस्त कार्डों के उपयोग की पुष्टि होती है तो रिकॉर्ड और सत्यापन व्यवस्था की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।

    कलेक्टर बोले- दस्तावेजों के आधार पर होगी जांच
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि मामला वर्ष 2022-23 से संबंधित बताया गया है और राशन कार्डों से जुड़ी शिकायत की संबंधित विभाग के माध्यम से जांच कराई जाएगी। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि 93 प्रविष्टियों में कितने कार्ड नियमों के अनुरूप हैं, कितनों में पात्रता या रिकॉर्ड संबंधी विसंगति है और वर्ष 2014 में निरस्त बताए गए कार्डों के उपयोग का दावा कितना सही है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं।